उल्हासनगर-5 जींस मार्केट GST के रडार पर: कच्चे-पक्के लेनदेन में बड़ा घोटाला उजागर होने की आशंका!

उल्हासनगर-5 स्थित प्रसिद्ध जींस मार्केट और डेनिम फैब्रिक कारोबारियों पर अब जीएसटी विभाग की पैनी नजर है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यहां के कई व्यापारियों द्वारा बड़े पैमाने पर कच्चे बिलों पर लेनदेन किया जा रहा है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होने की आशंका है।

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जींस बेचने वाले अनेक दुकानदार ग्राहकों से नकद में लेनदेन कर रहे हैं, लेकिन इनका अधिकांश व्यापार “कच्चे बिलों” के आधार पर किया जा रहा है। यानी बिना पक्के बिल के ही बिक्री की जा रही है, ताकि टैक्स की चोरी की जा सके।

इतना ही नहीं, डेनिम के थोक विक्रेता — जो मिलों से कपड़ा मंगवाते हैं — वे भी इस घोटाले में शामिल बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इन कपड़ा कारोबारियों द्वारा मिलों से कपड़ा “पक्के बिल” पर मंगवाया जाता है, लेकिन स्थानीय स्तर पर जब वही कपड़ा बाजार में बेचा जाता है तो उसका एक बड़ा हिस्सा “कच्चे” में यानी बिना टैक्स इनवॉइस के बेचा जाता है।

जीएसटी विभाग ने इस संदिग्ध गतिविधियों की जांच प्रारंभ कर दी है और निकट भविष्य में यहां बड़े पैमाने पर छापेमारी की संभावना जताई जा रही है। यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह उल्हासनगर के टैक्स चोरी से जुड़ा सबसे बड़ा मामला बन सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे-पक्के लेनदेन की यह प्रणाली लंबे समय से चल रही है, तो इससे न केवल सरकार को करोड़ों का घाटा हुआ है, बल्कि ईमानदारी से व्यापार करने वाले व्यापारी भी इस अनियमित व्यवस्था की वजह से नुकसान में हैं।

अब देखना यह होगा कि जीएसटी विभाग इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और क्या उल्हासनगर की यह जींस मार्केट आगामी दिनों में कर चोरी के बड़े खुलासे का केंद्र बनती है या नहीं।

Source: Mantralay Times

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